पर्यावरण प्रदूषण एक समस्या एक समाधान 3

पर्यावरण

पर्यावरण को हम इतना नुकसान पंहुचा रहे है की अगर ज़िंदा रहना है तो जीने के तरीको को बदलना होगा । ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती करनी होगी । आज घरो में AC , कारो , फ्रिज , आदि सामानो के बढ़ने से भी वैशिवक ग्रीन हाउस गैसों उत्सर्जन में सन  2010 के स्तर की तुलना में सन 2030 तक 10.6%  की वृद्धि होगी । भारत में ख़राब हवा और बढ़ती गर्मी मौत का कारण बनती जा रही है  बीते दो दशक यानि सन 2000-2004 से सन  2017-2021 ke दौरान गर्मी के चलते होने वाली मौतो में 55% की बढ़ोतरी हुई है लैंसेंट काउंटडाउन की नीवनतम रिपोर्ट में यहाँ जानकारी सामने आई है ऐसा नहीं है की इन मौतों को रोका नहीं जा सकता लेकिन इसके लिए हवा की गुणवत्ता में सुधार करना होगा । सयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनिसेफ के अनुसार सन 2050 तक दुनिया का लगभग हर बच्चा लू की चपेट में होगा । अगर हम अपने दिल्ली एनसीआर की ही बात करे तो उद्योगों  एवं वाहनों की  धुंध से फेफड़े नाकाम हो रहे है वायु प्रदूषण में तैरते कण एवं गैसों की वजह से जानलेवा बीमारीयां फैलाने का खतरा बढ़ गया है अब मौसम के बदलने पर होने वाले खांसी, बुखार , जुखाम जैसी बीमारीयां भी लम्बे समय तक रहती है 

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